स्कूली वाहनों पर सख्ती: 6 माह से फिटनेस नहीं तो परमिट निलंबित, 3 साल से अधिक पर होगा निरस्तीकरण
आगरा। स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मण्डलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित 55वीं संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में बड़े फैसले लिए गए। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूली वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र 6 महीने से अधिक समय से लंबित है, उनके परमिट 90 दिनों के लिए निलंबित किए जाएंगे।
बैठक में सामने आया कि आगरा संभाग में ऐसे 94 स्कूली वाहन हैं, जिनके स्वामियों या स्कूल प्रबंधन द्वारा समय पर फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा, जिन स्कूली वाहनों की फिटनेस 3 वर्ष से अधिक समय से समाप्त है, उनके परमिट निरस्त किए जाएंगे। वहीं 3 वर्ष से कम अवधि वाले मामलों में वाहन स्वामियों और स्कूल प्रबंधकों को कड़े नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रदेशव्यापी अभियान के तहत ऐसे वाहनों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं।
बैठक में पिछले तीन महीनों के परिवहन कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। जनपद आगरा में 627 नए परमिट जारी किए गए, 139 परमिटों का नवीनीकरण हुआ, जबकि 390 परमिट विभिन्न कारणों से निरस्त किए गए। इसी तरह फिरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी में भी बड़ी संख्या में परमिट जारी, नवीनीकरण और निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
इसके साथ ही 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के तहत नियम 84 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। नए प्रावधान के अनुसार, यदि कोई परमिट धारक अपने वाहन का उपयोग कुछ समय के लिए नहीं करना चाहता है, तो वह निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा।
बैठक में यह प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया कि आगरा संभाग के स्कूली वाहनों के परमिट अन्य संभागों में और पड़ोसी संभागों के वाहनों के परमिट आगरा में उपयोग किए जा सकेंगे।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह, आरटीओ आगरा अरुण कुमार, आरटीओ प्रवर्तन अखिल द्विवेदी और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बी.पी. अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।