महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: भाजपा का ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ ऐलान, विपक्ष पर तीखे हमले
आगरा। महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। बुधवार को जयपुर हाउस स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य, मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। साथ ही 23, 24 और 25 अप्रैल को मंडल स्तर पर ‘जन आक्रोश पदयात्राएं’ निकालने का ऐलान किया।
कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को गिराना विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल हमेशा महिलाओं के अधिकारों को दबाने का काम करते रहे हैं।
मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने दो टूक कहा कि महिलाओं का अपमान विपक्ष को महंगा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश की नारी अब जागरूक हो चुकी है और चुनाव में इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्ष की आलोचना की।
तीन दिन तक मंडलवार पदयात्राएं
भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में 23 से 25 अप्रैल तक पूरे आगरा में मंडलवार ‘जन आक्रोश पदयात्राएं’ निकाली जाएंगी। इन पदयात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रहेगी। इसके बाद शहर में एक विशाल जनसभा का आयोजन भी प्रस्तावित है।
मोदी सरकार की योजनाओं का जिक्र
भाजपा नेत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 के बाद महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अहम योजनाएं चलाई गई हैं। कन्या सुमंगला योजना, मातृ वंदना योजना, जनधन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन्हें महिलाओं के लिए लाभकारी बताया।
परिवारवाद बनाम महिला सशक्तिकरण
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि वे आम महिलाओं को आगे बढ़ाने के बजाय अपने परिवार तक ही अवसर सीमित रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश की महिलाएं अब इस सच्चाई को समझ चुकी हैं और समय आने पर जवाब देंगी।
महिला कार्यकर्ताओं की रही बड़ी मौजूदगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. निर्मला दीक्षित सहित भाजपा महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। सभी ने महिला सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।