भीषण जल संकट से आक्रोशित लोगों ने हाथरस रोड किया जाम,खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरे क्षेत्रवासी
टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ने आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर हाइवे से हटाया,यातायात व्यवस्था सामान्य
जनपद आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के अंतर्गत इस्लाम नगर और राहुल नगर के निवासियों का गुस्सा रविवार को उस समय फूट पड़ा, जब लंबे समय से जारी पानी की समस्या से परेशान होकर सैकड़ों लोग हाथरस रोड माता वाली गली के सामने इकट्ठा हो गए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित क्षेत्रवासियों ने खाली बर्तन, बाल्टी और डिब्बे लेकर हाईवे पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और हाइवे को पूरी तरह जाम कर दिया। इस अचानक हुए जाम के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पिछले 10 से 15 दिनों से उनके क्षेत्र में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। भीषण गर्मी में पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के अभाव में लोगों का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मोहल्ले में स्थित पाइपलाइन या जल आपूर्ति व्यवस्था में आई खराबी को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि मोहल्ले तक पहुंचने वाले मार्ग पर बनी पुलिया टूट चुकी है, जिसके कारण पानी के टैंकर भी अंदर नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में लोगों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन भी इस संकट से प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल करने तथा टूटी पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सूचना मिलते ही थाना ट्रांस यमुना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने के साथ ही अधिकारियों से वार्ता का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली मशक्कत के बाद पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सका।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बना हुआ है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग कब तक इस गंभीर जल संकट का स्थायी समाधान निकाल पाता है।