ट्रेड लाइसेंस शुल्क के खिलाफ भड़के व्यापारी: “एक देश-एक कर” के बीच नए शुल्क पर उठे सवाल
आगरा में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस शुल्क के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। जीएसटी लागू होने के बावजूद नए शुल्क लगाए जाने पर व्यापारियों ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
मंगलवार को आगरा व्यापार मंडल और सराफा एसोसिएशन से जुड़े व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जहां नगर आयुक्त की अनुपस्थिति में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार यादव और सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान व्यापारियों ने साफ कहा कि जब देश में जीएसटी लागू है और “एक देश-एक कर” की बात कही जाती है, तो फिर ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगाने का औचित्य क्या है।
व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से ही जलकर, सीवर कर और गृह कर जैसे स्थानीय करों का भुगतान कर रहे हैं, साथ ही राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न टैक्स भी दे रहे हैं। ऐसे में नया शुल्क थोपना व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और अपनी दुकानों को बंद कर उनकी चाबियां नगर आयुक्त को सौंप देंगे।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि वर्ष 1996 में ट्रेड लाइसेंस शुल्क को लेकर चर्चा तब हुई थी, जब जीएसटी लागू नहीं था। अब जब देश में एकीकृत कर प्रणाली लागू हो चुकी है, तो इस तरह के अतिरिक्त शुल्कों का कोई औचित्य नहीं बचता।
बैठक में टीएन अग्रवाल, जय पुरसनानी, नितेश अग्रवाल, बृजमोहन रैपुरिया, डीपी गोयल, राम भाई, राजीव गुप्ता, राकेश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, अशोक लालवानी और अशोक अग्रवाल सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।