ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) प्राधिकरण एवं उ.प्र. सरकार के प्रयासों द्वारा कृषि वानिकी को बढ़ावा देने तथा आकस्मिक परिस्थितियों में टी.टी.जैड. क्षेत्र के अंतर्गत वृक्षों की छंटाई, कटाई, पातन की अनुमति हेतु प्रक्रिया हुई आसान - समाचार RIGHT

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रविवार, 5 अप्रैल 2026

ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) प्राधिकरण एवं उ.प्र. सरकार के प्रयासों द्वारा कृषि वानिकी को बढ़ावा देने तथा आकस्मिक परिस्थितियों में टी.टी.जैड. क्षेत्र के अंतर्गत वृक्षों की छंटाई, कटाई, पातन की अनुमति हेतु प्रक्रिया हुई आसान

ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) प्राधिकरण एवं उ.प्र. सरकार के प्रयासों द्वारा कृषि वानिकी को बढ़ावा देने तथा आकस्मिक परिस्थितियों में टी.टी.जैड. क्षेत्र के अंतर्गत वृक्षों की छंटाई, कटाई, पातन की अनुमति हेतु प्रक्रिया हुई आसान

ताजमहल से 5 किलोमीटर की हवाई दूरी की परिधि से बाहर कृषकों के लिए यूकेलिप्टस, पॉपलर एवं मिलिया डुबिया प्रजाति के पातन हेतु प्रभागीय निदेशक/वनाधिकारी स्तर से प्रदान की जाएगी अनुमति।

आगरा:-प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, आगरा ने अवगत कराया है कि ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र में कृषि वानिकी को बढ़ावा देने तथा आकस्मिक परिस्थितियों में वृक्षों की छंटाई, कटाई एवं पातन की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में योजित रिट याचिका (सिविल) संख्या-13381/1984 एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ एवं अन्य में दिनांक 08 मई 2015 को पारित आदेश के तहत टीटीजेड क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वृक्षों की छंटाई, कटाई एवं पातन को बिना न्यायालय की अनुमति पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया था।
उक्त के उपरांत टीटीजेड प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2025 में विभिन्न आदेश पारित किए गए। दिनांक 25 मार्च 2025 के आदेश में विद्युत विभाग को विद्युत पोल, हाईटेंशन लाइन एवं अन्य विद्युत लाइनों में बाधक वृक्षों की ट्रिमिंग, प्रूनिंग एवं लॉपिंग हेतु अनुमति प्रदान करने की व्यवस्था की गई। दिनांक 01 मई 2025 के आदेश द्वारा कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने हेतु ताजमहल से 5 किलोमीटर की हवाई दूरी की परिधि से बाहर यूकेलिप्टस, पॉपलर एवं मिलिया डुबिया प्रजाति के वृक्षों के पातन की अनुमति तथा आकस्मिक परिस्थितियों में संपत्ति की सुरक्षा, जनहानि से बचाव एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु वृक्षों को हटाने की अनुमति प्रदान की गई। दिनांक 13 मई 2025 के आदेश में कृषक भूमि, निजी भूमि एवं वन भूमि पर वृक्षों के अवैध पातन के संबंध में दंड एवं प्रतिकर निर्धारित किए गए।

उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि वर्तमान में दिनांक 25 मार्च 2026 को सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी, नई दिल्ली द्वारा जारी एसओपी के अनुसार टीटीजेड क्षेत्र में वृक्षों की छंटाई, कटाई एवं पातन हेतु अनुमति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है, जिसमें ताजमहल से 5 किलोमीटर की हवाई दूरी की परिधि से बाहर कृषकों के लिए यूकेलिप्टस, पॉपलर एवं मिलिया डुबिया प्रजाति के 1 से 49 तक वृक्षों के पातन की अनुमति प्रभागीय निदेशक/वनाधिकारी स्तर से प्रदान की जाएगी, जबकि 50 या उससे अधिक वृक्षों के लिए अनुमति सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी, नई दिल्ली द्वारा दी जाएगी। गैर-कृषकों के लिए ताजमहल से 5 किलोमीटर की परिधि से बाहर सभी प्रजातियों के 1 से 49 वृक्षों के पातन की अनुमति सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी, नई दिल्ली द्वारा तथा 50 या उससे अधिक वृक्षों के लिए अनुमति माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा प्रदान की जाएगी।आकस्मिक परिस्थितियों में, जहां संपत्ति को नुकसान या जनहानि से बचाव आवश्यक हो अथवा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना हो, वहां वृक्षों की छंटाई, कटाई या हटाने की अनुमति प्रभागीय निदेशक/वनाधिकारी स्तर से दी जाएगी।
उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि विद्युत विभाग को विद्युत पोल, हाईटेंशन लाइन एवं अन्य विद्युत लाइनों में बाधक वृक्षों की ट्रिमिंग, प्रूनिंग एवं लॉपिंग हेतु अनुमति प्रभागीय निदेशक स्तर से प्रदान की जाएगी तथा सूखे वृक्षों के संबंध में सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी, नई दिल्ली के निरीक्षण उपरांत अनुमति प्रदान की जाएगी।

ताजमहल से 5 किलोमीटर की हवाई दूरी की परिधि के भीतर किसी भी प्रकार के वृक्षों की छंटाई, कटाई एवं पातन हेतु अनुमति पूर्ववत माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा ही प्रदान की जाएगी।
उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि पूर्व में उपरोक्त सभी प्रकार की अनुमतियां केवल माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ही प्रदान की जाती थीं, किन्तु वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न स्तरों पर अनुमति की प्रक्रिया निर्धारित कर इसे सरल बनाया गया है।

प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, आगरा ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित प्रावधानों का पालन करते हुए ही वृक्षों की कटान/छंटान कराएं तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करें।
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