विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
आगरा कमिश्नरेट की साइबर सेल ने साइबर स्लेवरी और मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कंबोडिया और थाईलैंड भेजता था, जहां उनसे साइबर अपराध करवाए जाते थे।
प्रेसनोट के अनुसार वादी द्वारा थाना साइबर क्राइम आगरा में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात अजय शुक्ला नामक व्यक्ति से हुई, जिसने विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया। आरोप है कि नवंबर 2024 में वादी और उसके साथी से करीब 3.5-3.5 लाख रुपये लेकर उन्हें कंबोडिया भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर उनसे जबरन साइबर स्लेवरी का काम कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 156/2025 धारा 143(3)/318(4)/61(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देशन में साइबर सेल की विशेष टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर सेल टीम ने पहले ही इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब गिरोह के मुख्य सरगना नागेश कुमार पुत्र सुभाष कुमार निवासी ग्राम रेरा, चमोई, डाकघर मंगूल, थाना पंचरुखी, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश को 13 मई 2026 को पालमपुर, हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसमें चीनी कंपनियों से संबंधित चैट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई में प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक विमल कुमार, उपनिरीक्षक शांतनु अग्रवाल, कांस्टेबल गौतम और कांस्टेबल विजय पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।