आगरा में दिव्यांग शिक्षामित्र की कर्मनिष्ठा बनी मिसाल, जनगणना कार्य में निभा रहे अहम जिम्मेदारी
आगरा। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद आगरा में 22 मई से 29 जून 2026 तक चल रहे अभियान के बीच एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद एक दिव्यांग जनगणना कर्मी पूरी लगन, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं, जो आमजन के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है।
तहसील खेरागढ़ के प्राथमिक विद्यालय गढ़मुखा में कार्यरत शिक्षामित्र श्री कन्हैया ने प्रगणक के रूप में स्वयं रुचि दिखाते हुए अपनी ड्यूटी लगवाई। पूर्व में नियुक्त प्रगणक का स्वास्थ्य ठीक न होने पर उन्होंने स्वेच्छा से आगे आकर यह जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वह घर-घर जाकर मकानों की नंबरिंग और आवश्यक सूचनाओं का संकलन कर रहे हैं।
उनकी कार्यनिष्ठा यह संदेश देती है कि काम केवल शारीरिक क्षमता का विषय नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और कर्तव्यबोध का प्रमाण होता है। जहां कई लोग छोटी-छोटी कठिनाइयों का बहाना बनाकर जिम्मेदारियों से पीछे हट जाते हैं, वहीं श्री कन्हैया का जज्बा यह साबित करता है कि असली बाधा शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कर्मवीर शिक्षामित्र श्री कन्हैया की कर्तव्यपरायणता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। जिला प्रशासन द्वारा उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और उत्कृष्ट कर्तव्य निर्वहन के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।
“हमारी जनगणना, हमारा विकास” के संदेश के साथ चल रहा यह अभियान अब एक ऐसी प्रेरक कहानी का साक्षी बना है, जो यह सिखाती है कि सच्ची सक्षमता परिस्थितियों से हार मानने में नहीं, बल्कि अपने संकल्प से उन्हें पराजित करने में है।