आगरा कॉलेज में एआई और कोडिंग कार्यशाला, मुफ्त प्रशिक्षण से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
आगरा कॉलेज सभागार में बुधवार को कोड योगी फाउंडेशन के तत्वावधान में एआई आधारित तकनीक और प्रोग्राम कोडिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह और डीआईओएस चंद्रशेखर की मौजूदगी में छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा, कोडिंग और भविष्य के रोजगार अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि आगरा के युवा अब कोड योगी फाउंडेशन के माध्यम से मुफ्त में कोडिंग सीख सकेंगे।
कार्यशाला में जनपद के सभी एडेड माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को एआई आधारित तकनीक और कोडिंग में दक्ष बनाना तथा उन्हें भविष्य की तकनीकी नौकरियों, स्व-रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि तकनीकी युग में युवाओं के लिए एआई और कोडिंग बेहद महत्वपूर्ण कौशल बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को करियर और विषय चयन में सही मार्गदर्शन देना तथा भविष्य में रोजगार और स्वावलंबन के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ें।
कार्यशाला में कोड योगी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्था गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ्त में कोडिंग और एआई तकनीक की शिक्षा प्रदान कर रही है। इस योजना का लाभ एडेड स्कूलों के कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर कॉलेज छात्र भी उठा सकेंगे।
कोड योगी संस्था के राकेश सहगल ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को पंजीकरण प्रक्रिया और प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त कर कई छात्रों ने राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अच्छे पैकेज पर नौकरियां हासिल की हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई ऐसे छात्र, जो पहले वेल्डिंग और प्लंबिंग जैसे कार्य करते थे, आज कोडिंग सीखकर लाखों रुपये के पैकेज पर कार्य कर रहे हैं।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि आने वाले समय में एआई तकनीक और कोडिंग सबसे महत्वपूर्ण स्किल के रूप में उभरने वाली है, इसलिए छात्रों को अभी से तकनीकी शिक्षा से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में डीआईओएस चंद्रशेखर ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।