डेयरी कॉन्क्लेव में मंत्री धर्मपाल सिंह बोले — गोबर गैस और जैविक खाद ही भविष्य, आगरा का पराग प्लांट जल्द होगा शुरू - समाचार RIGHT

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शुक्रवार, 15 मई 2026

डेयरी कॉन्क्लेव में मंत्री धर्मपाल सिंह बोले — गोबर गैस और जैविक खाद ही भविष्य, आगरा का पराग प्लांट जल्द होगा शुरू

डेयरी कॉन्क्लेव में मंत्री धर्मपाल सिंह बोले — गोबर गैस और जैविक खाद ही भविष्य, आगरा का पराग प्लांट जल्द होगा शुरू

आगरा में गुरुवार को आयोजित “डेयरी कॉन्क्लेव/स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम” में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने डेयरी सेक्टर, गोवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। आरबीएस कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किसानों, दुग्ध उत्पादकों, डेयरी उद्यमियों और निवेशकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान मंत्री ने आगरा के लंबे समय से बंद पड़े पराग डेयरी प्लांट को जल्द शुरू करने की घोषणा भी की।

कॉन्क्लेव का उद्देश्य उन्नत एवं स्वस्थ गोवंश को बढ़ावा देना, डेयरी सेक्टर में निवेश आकर्षित करना तथा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में गति देना रहा। कार्यक्रम में आगरा और अलीगढ़ मंडल के बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शामिल हुए।

“दुनिया संकट में, लेकिन भारत मजबूती से खड़ा”

अपने संबोधन में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध और आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत पर उसका प्रभाव नहीं पड़ने दिया गया। उन्होंने कहा कि हॉर्मूज क्षेत्र में संकट के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एलपीजी आपूर्ति बाधित नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि आज रसोई गैस और अमोनिया गैस आम आदमी के जीवन से जुड़ी जरूरतें हैं, लेकिन भविष्य में इसका स्थायी समाधान गौशालाएं और गोबर गैस बनेंगी। मंत्री ने किसानों से गोबर से बनी जैविक खाद अपनाने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की।

“हर परिवार कम से कम एक गाय जरूर पाले”

मंत्री ने कहा कि पशुपालन में किसानों की घटती रुचि के कारण बाजार में नकली दूध, घी, पनीर और मावा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हर परिवार को कम से कम एक गाय अवश्य पालनी चाहिए। साथ ही कहा कि प्रदेश की गौशालाओं को वर्मी कंपोस्ट, खाद उत्पादन और गोबर गैस निर्माण से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पशुपालकों के लिए करोड़ों की योजनाएं

कार्यक्रम में मंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि—

  • नंदनी कृषक समृद्धि योजना में 31.50 लाख रुपये तक अनुदान

  • मिनी नंदनी योजना में 11.80 लाख रुपये तक सहायता

  • मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना में 80 हजार रुपये तक सहायता

  • 200 गायों की यूनिट पर 4 करोड़ रुपये तक ऋण, जिसमें 2 करोड़ रुपये तक सब्सिडी

  • दो गायों की यूनिट पर 40 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।

एक घंटे में पहुंचेगी पशु चिकित्सा टीम

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 520 मोबाइल वेटरनरी वैन संचालित की जा रही हैं। टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने के एक घंटे के भीतर पशु चिकित्सा टीम घर पहुंचकर इलाज करती है। उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियों के भुगतान को जल्द साप्ताहिक करने की योजना पर काम चल रहा है।

यूपी बना देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य

कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त धन लक्ष्मी के. ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 16 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है। राज्य को अब तक करीब 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें आगरा और अलीगढ़ मंडल की 18 प्रतिशत भागीदारी है।

कॉन्क्लेव के दौरान नंद बाबा दुग्ध मिशन, दुग्ध नीति-2022 और दुग्धशाला विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों और डेयरी उद्यमियों को सम्मानित किया गया। निजी कंपनियों ने आधुनिक डेयरी तकनीकों, दुग्ध उत्पादों और नई मशीनों के स्टॉल भी लगाए।

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