पेयजल व सीवरेज कार्यों की समीक्षा: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, समयसीमा में काम पूरा करने पर जोर
आगरा। आगरा में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक कैंप कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें पेयजल सप्लाई, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, सीवरेज व्यवस्था और एसटीपी निर्माण पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
बैठक में बताया गया कि अमृत योजना के अंतर्गत गंगाजल परियोजना के जरिए बुलंदशहर के पालड़ा झाल से करीब 130 किमी लंबी पाइपलाइन द्वारा शहर में जलापूर्ति की जा रही है। गंगाजल के संचयन के लिए सिकंदरा और जीवनी मंडी में वाटरवर्क्स स्थापित हैं, जबकि तीसरा पोइया में निर्माणाधीन है।
जिलाधिकारी ने शहर में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, 2.13 लाख से अधिक वाटर कनेक्शन, 1848 किमी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, ओवरहेड टैंक, जल गुणवत्ता जांच और भविष्य की जरूरतों को लेकर विस्तृत जानकारी ली। साथ ही प्रगतिमान परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
ट्रांस यमुना जोन की जलापूर्ति योजना की समीक्षा में पाया गया कि अगस्त 2025 से शुरू परियोजना की प्रगति संतोषजनक नहीं है। प्रस्तावित 11 ओवरहेड टैंकों में मात्र 15 प्रतिशत और 4 सीडब्ल्यूआर में 5 प्रतिशत प्रगति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है, उन्हें चिन्हित कर अग्रिम योजना बनाई जाए और जरूरत पड़ने पर टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए नियमित जल गुणवत्ता जांच और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया।
सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शहर में लगभग 1.96 लाख सीवर कनेक्शन, 12 पंपिंग स्टेशन और 12 एसटीपी स्थापित हैं। 38 नालों की टैपिंग का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सभी एसटीपी को तय समय में पूरा करने और यमुना नदी में गिरने वाले नालों—बल्केश्वर, भैरो और मंटोला नाला—की टैपिंग के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुहैर बेग, अधिशासी अभियंता एहतशामुद्दीन, महाप्रबंधक जलकल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का उद्देश्य है कि शहरवासियों को सुचारू और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके तथा सीवरेज व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।