शौक पूरे करने की चाह में बने शातिर चोर, ट्रांस यमुना पुलिस ने दो वारदातों का किया पर्दाफाश
आगरा। कमिश्नरेट आगरा के थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने दो अलग-अलग घटनाओं में संलिप्त 2 पुरुष और 1 महिला सहित कुल 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹45,525 नकद, पीली व सफेद धातु के आभूषण और चोरी की मोटरसाइकिल स्प्लेंडर बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, पहली घटना 23 अप्रैल 2026 की है, जब वादी अपने परिवार के साथ शादी समारोह में गया था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर जेवरात और नकदी चोरी कर ली। दूसरी घटना 28-29 अप्रैल की रात की है, जब वादी घर से बाहर गया हुआ था और लौटने पर घर का ताला टूटा मिला तथा सामान गायब था।
घटनाओं के खुलासे के लिए थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने टीम गठित कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर 3 मई 2026 को नाला क्षेत्र के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने शौक पूरे करने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए बंद मकानों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही घरों के ताले तोड़कर नकदी और जेवरात समेट लेते थे। चोरी का सामान वे अपने एक साथी को दे देते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूर्व में भी कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक पुत्र अमर सिंह और नितिन पुत्र राहुल निवासी नगला मियां, तहसील सासनी, जनपद हाथरस शामिल हैं, जबकि एक महिला आरोपी भी पकड़ी गई है। एक अन्य आरोपी हर्ष पुत्र राहुल अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
थानाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार की कार्यशैली फिर आई चर्चा में
बेहतरीन कार्यशैली और तेज़ कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले थानाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने आज चोरी की दो बड़ी घटनाओं का सफल खुलासा कर दिया। उनकी रणनीति, सतर्कता और टीमवर्क का ही परिणाम रहा कि कम समय में आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी संभव हो सकी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थानाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार के साथ उपनिरीक्षक राजकुमार, उपनिरीक्षक अजय चौधरी, हेड कांस्टेबल कमलेश कुमार, कांस्टेबल कुंती यादव, कांस्टेबल आरती, कांस्टेबल रविकुमार तथा कांस्टेबल संदीप कुमार की अहम भूमिका रही। टीम की मुस्तैदी से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और मजबूती मिली है।