IPL सट्टे में हारे कंपनी के लाखों रुपये, मैनेजर ने रची फर्जी लूट की साजिश; 24 घंटे में खुलासा
आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र में कंपनी के लाखों रुपये गबन करने के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया। पार्किंग कंपनी के मैनेजर ने आईपीएल सट्टे में रकम गंवाने के बाद अपने दो साथियों के साथ मिलकर फर्जी लूट की कहानी रच डाली, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
जानकारी के अनुसार ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम पार्किंग का ठेका संचालित करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने थाना ताजगंज में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी के आगरा कार्यालय में कार्यरत मैनेजर करन 3 मई को करीब 2 लाख 87 हजार रुपये बैंक में जमा कराने के लिए लेकर गया था, लेकिन रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई। पूछताछ में भी करन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिससे गबन की आशंका हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ताजगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 7 मई को कार्रवाई करते हुए कांशीराम आवास के पास से करन समेत उसके दो साथियों भूदेव और राहुल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी करन ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पिछले काफी समय से ऑनलाइन गेम और आईपीएल मैचों में सट्टा लगा रहा था, जिसमें कंपनी के रुपये हार गया। रकम वापस न कर पाने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी लूट की साजिश तैयार की।
योजना के तहत 4 मई को करन ने पुलिस को सूचना दी थी कि एडीए हाइट्स के पास दो अज्ञात बदमाशों ने उसकी गाड़ी रोककर रुपयों से भरा बैग लूट लिया है। लेकिन पुलिस जांच में कहानी संदिग्ध लगी। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी गबन की रकम का आपस में बंटवारा करने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में करन पुत्र स्वर्गीय रमेश निवासी दिल्ली, भूदेव पुत्र सोवरन सिंह निवासी मलपुरा आगरा तथा राहुल पुत्र नरेश निवासी मलपुरा आगरा शामिल हैं।
थाना ताजगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से फर्जी लूट की कहानी का पर्दाफाश होने पर अधिकारियों ने टीम की सराहना की है।