बिना नोटिस कोचिंग सील करने पर भड़के संचालक, 100 से अधिक शिक्षकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आगरा। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी पर चल रही कार्रवाई के बीच आगरा में 100 से अधिक कोचिंग संचालक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ऑल प्रोग्रेसिव टीचर्स एसोसिएशन (आप्टा) के नेतृत्व में संचालकों ने जिलाधिकारी मनीष बंसल को ज्ञापन सौंपकर बिना नोटिस कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने पर नाराजगी जताई।
कोचिंग संचालकों का कहना था कि प्रशासन द्वारा संकरे रास्ते, अग्निशमन उपकरणों की कमी और अन्य मानकों का हवाला देकर संस्थानों को तत्काल सील किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले संस्थानों को नोटिस देकर कमियों को दूर करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि सभी कोचिंग संस्थानों की बैठक बुलाकर उनसे संबंधित सभी सुरक्षा एवं प्रशासनिक मानकों की जानकारी दी जाए तथा उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का अवसर दिया जाए। संचालकों ने कहा कि उनका उद्देश्य नियमों का पालन करना है, लेकिन बिना पूर्व सूचना संस्थान सील करना उचित नहीं है।
इस दौरान कोचिंग संचालकों ने अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल में आप्टा के संस्थापक एवं संयोजक डॉ. सुनील उपाध्याय, महासचिव मुकेश मिरचंदानी, डॉ. रोहित दीक्षित, वैभव बंसल, दीपक धनकनी, डॉ. सारिका, पियूष गर्ग, राजकुमार गुप्ता, उमेश टिन्ना, नीरज शर्मा, संतोष गुप्ता, सत्यवीर सिसोदिया, प्रवेंद्र चौहान, नितिन मित्तल, अनिल रजवानी, रवि शर्मा, डॉ. दयाल सरन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और कोचिंग संचालक मौजूद रहे।