आगरा में नकली देशी घी की फैक्ट्री का भंडाफोड़: 10 साल से चल रहा था कारोबार, ब्रांडेड नाम से हो रही थी सप्लाई
आगरा। ट्रांस यमुना क्षेत्र के टेड़ी बगिया में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नकली देशी घी बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार करीब 10 वर्षों से संचालित हो रहा था और यहां तैयार किया गया नकली घी आगरा सहित आसपास के कई जिलों में सप्लाई किया जा रहा था।
यह कार्रवाई क्रीमी फूड लिमिटेड और वीआरएस फूड लिमिटेड के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार की शिकायत पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 'मधुसूदन' और 'पारस' ब्रांड के नाम से नकली देशी घी तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ प्रतिष्ठित कंपनियों के ब्रांड का भी दुरुपयोग हो रहा है।
शिकायत के आधार पर ट्रांस यमुना थाना पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने टेड़ी बगिया स्थित गोदाम पर छापा मारा। मौके से वीरेंद्र सिंह पुत्र रामकिशन, निवासी पांडे नगर को पकड़ लिया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 15-15 किलो के 8 टीन कथित नकली घी, बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री, ब्रांडेड रैपर, डिब्बे और नकली उत्पाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए। सभी सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह लंबे समय से यह कारोबार कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस और बिना बिल के करीब 10 वर्षों से कारोबार संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि नकली घी की सप्लाई किन-किन बाजारों, दुकानों और जिलों में की जा रही थी तथा इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बरामद घी के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि घी में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और उसकी गुणवत्ता क्या थी।
पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।