राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने आगरा में की जनसुनवाई, 79 शिकायतों पर सुनवाई कर दिए सख्त निर्देश
आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने मंगलवार को नवीन सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई आयोजित कर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलाओं के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला और जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आयोग अध्यक्ष का स्वागत किया। समीक्षा में बताया गया कि पिछली जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से संबंधित 34 मामलों को विभिन्न विभागों को भेजा गया था, जिनमें अधिकांश मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। हालांकि दो मामलों में पुलिस विभाग की अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त न होने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान कुल 79 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन से जुड़े थे। डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कई मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों से सीधे फोन पर बात कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और थानों में पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं की एफआईआर तत्काल दर्ज की जानी चाहिए। बिना कारण महिलाओं को थाने के चक्कर न लगवाए जाएं।
कल्याणकारी योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में महिला कल्याण एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद में पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत 80,702 महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है।
अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने केवाईसी, आय प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक प्रक्रियाओं को ग्राम स्तर पर आसान बनाने पर भी जोर दिया।
बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा पर विशेष जोर
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सभी स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं के लिए जूडो-कराटे एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों में स्वच्छ शौचालय, स्वास्थ्य परीक्षण और रानी लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।
कौशल विकास योजनाओं से जुड़ें अधिक महिलाएं
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की समीक्षा में बताया गया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 3,897 युवतियों एवं महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए।
पत्रकार वार्ता में दी महत्वपूर्ण सलाह
जनसुनवाई के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें घरेलू हिंसा से संबंधित प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बेटियों के विवाह से पूर्व वर पक्ष की पूरी जानकारी अवश्य करें। अक्सर विवाह के कुछ ही महीनों बाद घरेलू विवाद, उत्पीड़न और कानूनी मामलों की शिकायतें सामने आती हैं, जिन्हें समय रहते रोका जा सकता है।
बैठक और जनसुनवाई में सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला, एसीपी अमीषा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी, जिला कौशल प्रबंधक अमित कुमार धाकरे, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुकेश कुमार, महिला थाना प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।