अपनी कुर्सी पर बैठाकर सुनी वृद्ध महिला की फरियाद, चौकी इंचार्ज श्रद्धेय शुक्ला की संवेदनशीलता की हो रही सराहना - समाचार RIGHT

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रविवार, 14 जून 2026

अपनी कुर्सी पर बैठाकर सुनी वृद्ध महिला की फरियाद, चौकी इंचार्ज श्रद्धेय शुक्ला की संवेदनशीलता की हो रही सराहना

अपनी कुर्सी पर बैठाकर सुनी वृद्ध महिला की फरियाद, चौकी इंचार्ज श्रद्धेय शुक्ला की संवेदनशीलता की हो रही सराहना

आगरा। थाना मंटोला की रेलवे लाइन चौकी पर तैनात नवनियुक्त चौकी इंचार्ज श्रद्धेय शुक्ला अपनी साफ-सुथरी छवि, संवेदनशील व्यवहार और जनहितकारी कार्यशैली के चलते क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कानून-व्यवस्था के प्रति सख्त रुख रखने वाले श्रद्धेय शुक्ला आमजन की समस्याओं को सुनने और उनका त्वरित समाधान कराने के लिए भी जाने जाते हैं।

उनकी मानवीय सोच का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब चौकी क्षेत्र की एक वृद्ध महिला अपनी समस्या लेकर चौकी पहुंची। उस समय चौकी में बैठने के लिए कोई कुर्सी खाली नहीं थी। ऐसे में चौकी इंचार्ज श्रद्धेय शुक्ला ने बिना किसी औपचारिकता के अपनी स्वयं की कुर्सी वृद्ध महिला को बैठने के लिए दे दी और स्वयं खड़े रहकर उसकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनी। इसके बाद उन्होंने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए महिला की समस्या का समाधान कराया।

इस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां अक्सर फरियादी अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं श्रद्धेय शुक्ला प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ सुनते हैं और उसकी समस्या को गंभीरता से लेते हैं। उनके व्यवहार में न केवल पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी दिखाई देती है, बल्कि एक संवेदनशील इंसान का मानवीय पक्ष भी झलकता है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि श्रद्धेय शुक्ला की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बन रही है जो पीड़ितों को सम्मान देने में विश्वास रखते हैं। उनका मधुर स्वभाव, सहज व्यक्तित्व और जनसरोकारों के प्रति समर्पण लोगों का दिल जीत रहा है। लोगों का कहना है कि "जैसा नाम वैसा काम" की कहावत उन पर पूरी तरह सटीक बैठती है।

चौकी क्षेत्र में कई जटिल और संवेदनशील मामलों का त्वरित निस्तारण कर चुके श्रद्धेय शुक्ला ने अपनी कार्यकुशलता और निष्पक्षता से लोगों का भरोसा जीता है। उनकी तत्परता, संतुलित निर्णय क्षमता और जनसुनवाई की सकारात्मक शैली के कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता तभी मजबूत होता है जब अधिकारी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ लोगों की समस्याओं को सुनें। श्रद्धेय शुक्ला द्वारा वृद्ध महिला को अपनी कुर्सी पर बैठाकर फरियाद सुनना केवल एक छोटा सा कदम नहीं, बल्कि पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत करने वाला एक सराहनीय उदाहरण है। यही कारण है कि आज क्षेत्र के लोग उनके कार्यों की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं और उन्हें जनता का सच्चा हितैषी अधिकारी बता रहे हैं।

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