दो साल बाद मिली बिछड़ी बेटी: ताजमहल से किए एक फोन कॉल ने बदली किस्मत, आगरा पुलिस की तत्परता से परिवार में लौटी खुशियां
आगरा। पश्चिम बंगाल के एक परिवार की दो वर्षों से चल रही बेटी की तलाश आखिरकार आगरा पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के दम पर पूरी हो गई। एक अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल ने उस परिवार की उम्मीदों को फिर से जगा दिया, जिसके बाद ताजगंज पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए किशोरी को हाथरस से सकुशल बरामद कर लिया।
जानकारी के अनुसार, 17 जून को लापता किशोरी ने अपने परिजनों को अज्ञात नंबर से फोन कर बताया कि वह ताजमहल के पास है और उसे बचा लिया जाए। बेटी की आवाज सुनते ही परिवार बिना देर किए आगरा पहुंचा और ताजगंज थाना पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ताजगंज पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर किशोरी की लोकेशन हाथरस में ट्रेस हुई।
पुलिस टीम ने हाथरस पहुंचकर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह करीब दो वर्ष पहले स्कूल जाते समय लापता हो गई थी। बाद में उसने हाथरस निवासी एक युवक से विवाह कर लिया और उसी के साथ रह रही थी। हाल ही में वह अपने पति के साथ ताजमहल घूमने आगरा आई थी। इसी दौरान उसने अपने परिजनों को फोन कर अपनी जानकारी दी, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया।
करीब दो साल बाद बेटी को सकुशल देखकर परिवार की आंखें खुशी से छलक उठीं। परिजनों ने आगरा पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली, तत्परता और तकनीकी दक्षता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से भाजपा नेता प्रदीप राठौर का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पूरे मामले में समन्वय स्थापित कर परिवार की हर संभव मदद की।
इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर सूचना, आधुनिक तकनीक और पुलिस की सक्रिय कार्यशैली से वर्षों पुराने मामलों का भी सफलतापूर्वक समाधान संभव है। आगरा पुलिस की इस पहल से एक बिछड़ा परिवार फिर से एकजुट हो सका और उनके जीवन में खुशियां लौट आईं।