शिक्षण को रोचक बनाने में कला समेकन की महत्वपूर्ण भूमिका : अनिरुद्ध यादव - समाचार RIGHT

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बुधवार, 3 जून 2026

शिक्षण को रोचक बनाने में कला समेकन की महत्वपूर्ण भूमिका : अनिरुद्ध यादव

शिक्षण को रोचक बनाने में कला समेकन की महत्वपूर्ण भूमिका : अनिरुद्ध यादव

आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा में प्राचार्य अनिरुद्ध यादव के निर्देशन तथा दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के सहयोग से तीन दिवसीय आर्ट इंटीग्रेशन इन टीचिंग एंड लर्निंग कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य अनिरुद्ध यादव एवं डॉ. मनु शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।

कार्यशाला के प्रथम दिवस में दयालबाग की फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की डॉ. मनु शर्मा ने संगीत के माध्यम से विभिन्न विषयों के अध्यापन की तकनीकें साझा कीं। उन्होंने गीतों के जरिए विषयों को सरल और रुचिकर बनाने के तरीके बताए। प्रशिक्षुओं ने समय, घर, जंतुओं एवं अन्य विषयों पर आधारित शैक्षणिक गीतों का सामूहिक गायन भी किया।

दूसरे सत्र में पपेट शो के माध्यम से कहानी चित्रण और शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को शैडो पपेट, फिंगर पपेट और स्टिक पपेट के उपयोग से विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत करना सिखाया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया, जिन्होंने अलग-अलग पपेट विधाओं का प्रयोग कर विविध विषयों के पाठों का प्रस्तुतीकरण किया।

प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कला आधारित शिक्षण विधियां विद्यार्थियों को विषयों के प्रति आकर्षित करने के साथ-साथ उनके ज्ञानवर्धन में भी सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से तार्किक चिंतन, भाषा कौशल, भावनात्मक अभिव्यक्ति तथा दृश्य कला के जरिए जटिल विषयों को सरलता से समझाया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका एवं समन्वयक डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, अनिल कुमार, यशपाल सिंह, हिमांशु सिंह, कल्पना सिन्हा, रंजना पांडे, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम, डॉ. डी.के. गुप्ता, अबु मुहम्मद आसिफ, संजीव सत्यार्थी, पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य प्रवक्ता उपस्थित रहे।

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