आगरा: 10 सेकेंड में 20 फीट गहरे नाले में समा गई दो मंजिला कपड़े की दुकान, 16 घंटे बाद भी बुजुर्ग महिला लापता - समाचार RIGHT

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शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

आगरा: 10 सेकेंड में 20 फीट गहरे नाले में समा गई दो मंजिला कपड़े की दुकान, 16 घंटे बाद भी बुजुर्ग महिला लापता

आगरा: 10 सेकेंड में 20 फीट गहरे नाले में समा गई दो मंजिला कपड़े की दुकान, 16 घंटे बाद भी बुजुर्ग महिला लापता

आगरा। शहर के व्यस्त बिजलीघर स्थित सुभाष बाजार में बुधवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। महज 10 सेकेंड के भीतर दो मंजिला कपड़े की दुकान करीब 20 फीट गहरे महावीर नाले में समा गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में मलबे में दबे पांच लोगों में से चार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 60 वर्षीय गंगा देवी का समाचार लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के **16 घंटे बाद भी एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।

बताया गया कि करीब पांच दशक पहले नगर निगम ने महावीर नाले के ऊपर आठ दुकानें बनवाई थीं, जिनका आवंटन अलग-अलग व्यापारियों को किया गया था। इन्हीं में से राधास्वामी क्लॉथ सेंटर भी था, जिसका मूल आवंटन देवनदास के नाम पर हुआ था। वर्तमान में उनके बेटे तोलाराम और पौत्र दुकान का संचालन कर रहे थे। दुकान जर्जर होने के कारण गोदाम से भी कारोबार किया जा रहा था।

बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे दुकान में संचालक तोलाराम, उनके पौत्र और कर्मचारी मौजूद थे। उसी समय खरीदारी के लिए आई लखनऊ में तैनात महिला सिपाही अनीता, उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी अनन्या और उनकी 60 वर्षीय मां गंगा देवी भी दुकान के पास थीं। अचानक पूरी इमारत भरभराकर नाले में धंस गई और सभी लोग मलबे की चपेट में आ गए। रेस्क्यू अभियान के दौरान चार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन गंगा देवी अब भी लापता हैं।

एक महीने पहले व्यापारियों ने दी थी चेतावनी

सुभाष बाजार व्यापार समिति के अध्यक्ष इंद्र कुमार मंगरानी ने बताया कि 9 जून को नगर निगम को ज्ञापन देकर नाले के प्लेटफॉर्म और उस पर बनी दुकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की गई थी। व्यापारियों ने बारिश के दौरान बड़े हादसे की आशंका जताते हुए कहा था कि यदि नगर निगम मरम्मत नहीं करा सकता तो दुकानदारों को स्वयं मरम्मत की अनुमति दी जाए, लेकिन कोई अनुमति नहीं मिली।

नगर आयुक्त संतोष कुमार ने बताया कि दुकानदारों की शिकायत मिलने पर यह जानकारी सामने आई थी कि दुकानें नाले के ऊपर बनी हुई हैं। इस संबंध में जांच शुरू कराई गई थी कि इन दुकानों का निर्माण नाले पर कैसे हुआ, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही यह हादसा हो गया।

महावीर नाले के किनारे एक हजार से अधिक दुकानें

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, महावीर नाले के आसपास करीब एक हजार कपड़े की दुकानें संचालित हैं। इस हादसे के बाद पूरे बाजार में दहशत का माहौल है और व्यापारी अन्य जर्जर दुकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं।

डीएम बोले—संयुक्त रूप से चल रहा रेस्क्यू अभियान

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सुभाष बाजार स्थित नाले पर बनी दुकानों में दरार आने के बाद यह हादसा हुआ। मलबे में दबे चार लोगों को सुरक्षित निकालकर जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहीं, गंगा देवी के मलबे में दबे होने की आशंका को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों द्वारा संयुक्त रूप से लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है।

इस हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और जर्जर निर्माणों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे बाजार की संरचनात्मक जांच की मांग की है।

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