आगरा: दिल्ली गेट पर चला नगर निगम का बुलडोजर, 120 साल पुरानी चाय की दुकान समेत तीन दुकानें ध्वस्त
आगरा। शहर के व्यस्त दिल्ली गेट चौराहे पर गुरुवार को नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस दौरान 120 वर्ष पुरानी चाय की दुकान सहित तीन अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही कई दुकानों के टीनशेड हटाए गए और सड़क किनारे रखा सामान भी नगर निगम ने जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
दिल्ली गेट चौराहा इन दिनों सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण भारी जाम की समस्या से जूझ रहा है। निर्माण कार्य के चलते दिल्ली गेट से हरीपर्वत जाने वाली लेन पूरी तरह बंद है, जबकि केवल हरीपर्वत से दिल्ली गेट आने वाली एक लेन से ही यातायात संचालित किया जा रहा है। ऐसे में सड़क किनारे संचालित चाय, पान और बाइक रिपेयरिंग की दुकानों पर लगने वाली भीड़ और वाहनों की पार्किंग से जाम की स्थिति और गंभीर हो रही थी।
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। बुलडोजर देखते ही दुकानदारों ने अपना सामान हटाना शुरू कर दिया, लेकिन नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए दो चाय की दुकानें और एक पान की दुकान को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा आसपास किए गए अन्य अतिक्रमण और टीनशेड भी हटाए गए।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई से एक दिन पहले ही संबंधित दुकानों पर लाल निशान लगाकर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। निर्धारित समय पूरा होने के बाद गुरुवार को अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाए गए।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जिलाधिकारी मनीष बंसल ने दिल्ली गेट क्षेत्र का निरीक्षण कर सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य की समीक्षा की थी। निरीक्षण में कार्य की गति धीमी मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
इस कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक चर्चा 120 साल पुरानी चाय की दुकान की रही, जहां चार पीढ़ियों से कारोबार चल रहा था। स्थानीय लोगों के लिए यह दुकान सिर्फ चाय का ठिकाना नहीं, बल्कि वर्षों से मिलने-जुलने और चर्चा का प्रमुख केंद्र भी रही है। दुकान हटने से नियमित ग्राहकों और स्थानीय व्यापारियों में मायूसी देखने को मिली।
नगर निगम का कहना है कि सड़क को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना प्राथमिकता है और शहर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी तरह का अभियान आगे जारी रहेगा।