आगरा के फव्वारा दवा बाजार में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 थोक दवा फर्मों पर एक साथ छापेमारी
आगरा। प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आगरा में बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देशन में शुक्रवार को फव्वारा दवा बाजार में एक साथ 12 थोक दवा फर्मों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब एक दर्जन ड्रग इंस्पेक्टरों की टीमें दवाओं के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड और स्टॉक की गहन जांच में जुटी रहीं।
ड्रग विभाग की टीमों ने कम्बूटोला की छह फर्मों, मुबारक महल की तीन फर्मों तथा नबाविया मार्केट सहित कुल 12 थोक दवा प्रतिष्ठानों पर एक साथ जांच शुरू की। अधिकारियों ने दवाओं के स्टॉक, बिल, खरीद-बिक्री के दस्तावेज और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया। छापेमारी के दौरान पूरे दवा बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदारों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
बताया जा रहा है कि हाल ही में लखनऊ और वाराणसी में नकली एवं संदिग्ध दवाओं के कारोबार के खिलाफ हुई कार्रवाई के दौरान मिले इनपुट के आधार पर आगरा की कुछ फर्मों के व्यापारिक संबंध सामने आए थे। इसी कड़ी में फव्वारा दवा बाजार की उन फर्मों की जांच की जा रही है, जिनके माध्यम से संबंधित प्रतिष्ठानों के साथ दवाओं का लेन-देन हुआ था। टीम खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और सप्लाई चेन की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
गौरतलब है कि फव्वारा दवा बाजार में इससे पहले भी मई, 14 से 19 जून तथा अब जुलाई में लगातार कार्रवाई की जा चुकी है। जून की कार्रवाई के दौरान सैंपल की दवाओं का बड़ा जखीरा जब्त किया गया था, मुकदमे दर्ज हुए थे और कुछ गोदामों को सील भी किया गया था। लगातार हो रही छापेमारी से दवा कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल ड्रग विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी फर्म में नियमों का उल्लंघन, संदिग्ध दवाओं का कारोबार या अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं तो संबंधित फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं ड्रग्स संबंधी प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।