आगरा में खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, कई दुकानों पर छापेमारी, 16 नमूने जांच को भेजे
आगरा। जिले में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर गुरुवार को जिलेभर में उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों और गोदामों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों से 16 उर्वरक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
प्रशासन की गठित टीमों ने सदर, किरावली, बाह, खेरागढ़, एत्मादपुर और फतेहाबाद तहसीलों में एक साथ निरीक्षण किया। अभियान में जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, उप कृषि निदेशक, अपर जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया।
छापेमारी के दौरान एत्मादपुर के न्यू केसी त्यागी खाद-बीज भंडार और धाकरे खाद-बीज भंडार, फतेहाबाद के कुशवाह खाद-बीज भंडार, तैगुरिया खाद-बीज भंडार, दीपक बीज भंडार, साईं ट्रेडर्स, शकुंतला खाद-बीज भंडार और दुबे खाद-बीज भंडार सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। वहीं बाह में पूजा खाद भंडार, गिर्राज खाद भंडार और बिधौलिया खाद-बीज भंडार, जबकि किरावली में आशी खाद-बीज भंडार और किसान खाद-बीज भंडार समेत कई दुकानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कुल 16 उर्वरक नमूने एकत्र कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई नमूना अमानक स्तर का पाया गया तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी जोत के अनुसार, आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर निर्धारित मात्रा में और तय सरकारी दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। किसी भी प्रकार की टैगिंग, कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद संबंधित विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और खाद की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।