आगरा कैंट प्रकरण ने पकड़ा राष्ट्रीय तूल: 30 शहरों में रेलकर्मियों का प्रदर्शन, आरपीएफ जवानों की गिरफ्तारी की मांग - समाचार RIGHT

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बुधवार, 15 जुलाई 2026

आगरा कैंट प्रकरण ने पकड़ा राष्ट्रीय तूल: 30 शहरों में रेलकर्मियों का प्रदर्शन, आरपीएफ जवानों की गिरफ्तारी की मांग

आगरा कैंट प्रकरण ने पकड़ा राष्ट्रीय तूल: 30 शहरों में रेलकर्मियों का प्रदर्शन, आरपीएफ जवानों की गिरफ्तारी की मांग

आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र चाहर के साथ कथित मारपीट और प्लेटफॉर्म पर घसीटने की घटना अब राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गई है। मंगलवार को आगरा, मथुरा, झांसी, कोटा, दिल्ली समेत देश के करीब 30 शहरों में रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर दोषी जवानों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।

सुबह करीब 10:30 बजे आगरा मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के बाहर सैकड़ों रेलकर्मी एकत्र हुए। प्रदर्शन में स्टेशन मास्टर, विभिन्न रेलवे कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने "आरपीएफ मुर्दाबाद", "गुंडागर्दी बंद करो" और "दोषियों को गिरफ्तार करो" जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

डीआरएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन को देखते हुए डीआरएम कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में आरपीएफ जवानों की तैनाती की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और आरपीएफ कर्मियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि आरपीएफ के कुछ जवान अक्सर रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उनका कहना है कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

यह है पूरा मामला

रविवार को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के घायल होने के बाद ट्रेन रोकने को लेकर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ आरपीएफ जवानों ने नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए ले गए।

घटना का वीडियो स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई और देशभर के विभिन्न रेलवे संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

चार आरपीएफ जवान पहले ही निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन तथा कॉन्स्टेबल बदन सिंह और जितेंद्र को निलंबित कर दिया है। मामले की विभागीय जांच जारी है।

हालांकि, विरोध-प्रदर्शनों के बावजूद अब तक रेल संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी ट्रेनें निर्धारित समय के अनुसार संचालित की जा रही हैं। रेलवे कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि दोषी जवानों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

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