स्मार्ट सिटी से फ्यूचर सिटी की ओर बढ़ रहा आगरा, मुख्यमंत्री योगी ने 342.36 करोड़ की 53 विकास परियोजनाओं की दी सौगात
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनपद को 342.36 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 53 विकास एवं जनकल्याणकारी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और शिलापट्टों का अनावरण करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आगरा अब केवल स्मार्ट सिटी ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक फ्यूचर सिटी के रूप में भी तेजी से विकसित हो रहा है।
दो दिवसीय आगरा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आगरा में आधारभूत संरचना, पर्यटन, उद्योग और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लगभग तीन माह पूर्व 6,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था और अब एक बार फिर सैकड़ों करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं जनता को समर्पित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 और 2024 के चुनावों में जनता ने डबल इंजन सरकार पर भरोसा जताया, जिसके परिणामस्वरूप विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद लंबे समय से लंबित एनओसी से जुड़े मामलों के समाधान से औद्योगिक निवेश को नई दिशा मिलेगी और आगरा को उद्योग, पर्यटन और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट के विकास की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि सींगना में स्थापित होने वाला अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र किसानों के लिए वरदान साबित होगा। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता के बीज और उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ओडीओपी और ओडीओसी जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रही है। आगरा के प्रसिद्ध पेठे को भी वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जा रहा है। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया जाएगा और उनके आगरा प्रवास से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बटेश्वर धाम, कैलाश मंदिर, गुरुद्वारा गुरु का ताल, गीत गोविंद वाटिका, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर, फतेहपुर सीकरी तथा शौरीपुर जैन तीर्थ सहित अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में आगरा में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा हजारों करोड़ रुपये की लागत से पुल, फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, नए महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भ्रष्टाचार, परिवारवाद और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं आम थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाखों युवाओं को सरकारी रोजगार मिला है और उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में लगभग नौ लाख युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की है।
कार्यक्रम के दौरान आगरा में हुए विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। साथ ही ओडीओपी, कृषि यंत्रीकरण, पीएम स्वनिधि, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, टूलकिट, टैबलेट, आवास की चाबी और अन्य सहायता सामग्री वितरित की गई।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर आगरा उत्तर, आगरा दक्षिण और आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में 342.36 करोड़ रुपये की लागत वाली 53 विकास एवं जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री शनिवार रात्रि आगरा में ही प्रवास करेंगे। रविवार को वह डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।