मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बीच प्रशासन को सौंपा ज्ञापन - समाचार RIGHT

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रविवार, 26 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बीच प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बीच प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को जनसमस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति बन गई। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

शनिवार को मुख्यमंत्री के आगरा आगमन के अवसर पर समाजवादी पार्टी महानगर कार्यालय पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। जैसे ही कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए कार्यालय से निकले, पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना था कि वे लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री तक जनता की समस्याएं पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। पार्टी के आरोप के अनुसार, स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठियां फटकारकर कार्यकर्ताओं को पीछे हटाने का प्रयास किया। इसके विरोध में सपा कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया गया।

ज्ञापन में आगरा के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इनमें अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का शीघ्र निर्माण, यमुना बैराज परियोजना को स्वीकृति, अंतरराष्ट्रीय लेदर इंडस्ट्री एवं एक्सपोर्ट हब की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट एवं बहुउद्देश्यीय स्टेडियम का निर्माण, बंद पड़े इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थानों को पुनर्जीवित करना, आगरा मेट्रो का विस्तार, शहर की पेयजल, सीवर, ट्रैफिक और स्मार्ट सिटी की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना तथा पर्यटन, एमएसएमई और युवाओं के लिए विशेष रोजगार पैकेज लागू करने जैसी मांगें शामिल थीं।

महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। यदि शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने जा रहे लोगों को भी रोका जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छात्रसभा कादिर कुरैशी, महानगर उपाध्यक्ष जिया चौधरी, प्रमोद यादव, हर्षवर्धन धाकड़, बलवेंद्र सिंह जाटव, नरेंद्र सिंह धाकड़, समीर अब्बास, नरेंद्र सिंह नंद, विनोद श्रोत्रिय, इम्लाक अहमद, जमील सिद्दीकी, ओम पंडित, रूबी सिंह जादौन, सरबन सोनकर, अकील अब्बास, राशिद मेव, मुबीन उस्मानी, मुजाहिद कुरेशी, अंकित निगम, फ़हीम उस्मानी, राजेश यादव, सलमान खान सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जनआंदोलनों के आगे सत्ता को झुकना पड़ता है: शब्बीर अब्बास

 समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों द्वारा किए गए आंदोलनों ने यह साबित किया है कि लोकतंत्र में जनता की संगठित आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार जवाबदेही की मांग उठाए जाने से सरकार पर दबाव बढ़ा। शब्बीर अब्बास ने कहा कि देश ने किसान आंदोलन, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई बड़े जनआंदोलन देखे हैं, जिनमें अनेक लोगों ने अपनी जान गंवाई और कई परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की बात सुनना और नैतिक जवाबदेही तय करना है। यदि जनता संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती है तो बड़े से बड़ा सत्ता तंत्र भी उसके सामने झुकने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता में निहित है और सरकारों को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

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