राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 8 जुलाई तक किए जा सकेंगे आवेदन, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा - समाचार RIGHT

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बुधवार, 1 जुलाई 2026

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 8 जुलाई तक किए जा सकेंगे आवेदन, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 8 जुलाई तक किए जा सकेंगे आवेदन, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

आगरा:-उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) की कार्ययोजना के अंतर्गत बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की स्थापना की जाएगी। बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर एक क्लस्टर स्तरीय इंटरप्राइजेज होगा, जो स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक जैव-आदान तैयार कर उन किसानों को उपलब्ध कराएगा, जो स्वयं उनका उत्पादन करने में सक्षम नहीं हैं। जनपद में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किया जाना है।
उन्होंने बताया कि बीआरसी संचालित करने के लिए उद्यमी, समूह अथवा इकाई का अभ्यासरत प्राकृतिक किसान होना आवश्यक है अथवा उसके साथ ऐसे सदस्य जुड़े होने चाहिए, जिन्हें प्राकृतिक खेती का पूर्व अनुभव हो। बीआरसी द्वारा अपने खेतों में प्राकृतिक जैव-आदानों का उपयोग किया जाना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने वाला किसान उपलब्ध नहीं है तो राज्य प्राकृतिक खेती सेल ऐसे इच्छुक एवं प्रशिक्षित उद्यमी की पहचान कर सकता है, जो आगामी फसल सत्र से प्राकृतिक खेती प्रारंभ करने के लिए तैयार हो। बीआरसी के पास पशुधन एवं पौधों पर आधारित बायोमास सहित आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता तथा गोबर एवं मूत्र की नियमित आपूर्ति के लिए निकटवर्ती गौशालाओं से समन्वय की व्यवस्था होना आवश्यक है। इसके साथ ही प्राकृतिक जैव-आदानों के उत्पादन एवं भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान तथा तैयार उत्पादों की जनपद के सभी क्लस्टरों में आपूर्ति की क्षमता भी होनी चाहिए।
उप निदेशक कृषि ने बताया कि बीआरसी के चयन हेतु आवेदन के साथ पात्रता सिद्ध करने वाले वैध अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदक को अपने आवेदन में प्रस्तावित स्थान का संक्षिप्त बाजार विश्लेषण, प्राकृतिक खेती की वर्तमान स्थिति, जनपद में विपणन एवं जागरूकता बढ़ाने की कार्ययोजना, तैयार किए जाने वाले प्राकृतिक जैव-आदानों की सूची, कच्चे माल की उपलब्धता एवं उसकी सोर्सिंग का विवरण भी देना होगा। इसके अतिरिक्त बीआरसी संचालन के लिए क्षेत्र में कार्यरत स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), पैक्स (PACS), गौशाला, ग्राम पंचायत अथवा अन्य सामुदायिक संगठनों के साथ यदि कोई साझेदारी या समन्वय है तो उसका विवरण भी आवेदन पत्र में अंकित करना होगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की कार्ययोजना के अनुसार प्राकृतिक खेती क्लस्टरों में बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर का संचालन अभ्यासरत प्राकृतिक खेती किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, पैक्स, सहकारी समितियों एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा किया जा सकेगा।
उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार ने जनपद के समस्त अभ्यासरत प्राकृतिक खेती किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों, पैक्स, सहकारी समितियों एवं स्थानीय उद्यमियों से अपील की है कि इच्छुक आवेदक 08 जुलाई 2026 को सायं 3:00 बजे तक निर्धारित प्रारूप में 10 रुपये के शपथ पत्र के साथ अपना आवेदन पत्र कार्यालय में मूल रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं।
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