आगरा: 9 दिन बाद सकुशल मिली 12 वर्षीय बच्ची, सगी मौसी के घर मिली; रिश्तेदारों ने पुलिस से छिपाई थी जानकारी
आगरा/फतेहपुर सीकरी। थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के नगला रमले गांव से नौ दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई 12 वर्षीय बच्ची को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। मामले की जांच में ऐसा खुलासा हुआ जिसने सभी को चौंका दिया। बच्ची अपनी सगी मौसी के घर पर मिली और जांच में कई रिश्तेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली, जबकि पुलिस ने भी सफल बरामदगी के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार नगला रमले निवासी सतीश राजपूत की 12 वर्षीय बेटी 9 जुलाई 2026 को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर 10 जुलाई को थाना फतेहपुर सीकरी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार टीमें गठित कर तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर लगातार तलाश शुरू की।
जांच में सामने आया कि बच्ची अपनी मां के कथित प्रताड़नापूर्ण व्यवहार से परेशान थी। आरोप है कि उसकी मां अक्सर उसके साथ मारपीट करती थी। इससे पहले भी वह नाराज होकर सिकंदरा के शास्त्रीपुरम स्थित अपनी मौसी राजकुमारी के घर चली गई थी, जहां से परिजन उसे वापस ले आए थे। इस बार भी वह 9 जुलाई को टेंपो से शाहगंज पहुंची, जहां से मौसी राजकुमारी और मौसा प्रदीप उसे अपने घर ले गए, लेकिन इसकी जानकारी न तो परिवार को दी गई और न ही पुलिस को।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राजकुमारी और उसके पति प्रदीप की कोई संतान नहीं है। इसी कारण वे बच्ची को अपने पास रखना चाहते थे। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी मामा, नाना और अन्य रिश्तेदार गांव आते-जाते रहे, लेकिन किसी ने भी बच्ची के बारे में पुलिस या उसके परिवार को जानकारी नहीं दी।
शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन रिश्तेदारों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच का दायरा बढ़ाया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि राजकुमारी और प्रदीप ने बच्ची को राजस्थान के धौलपुर जिले में रहने वाली दूसरी मौसी नन्ही के घर भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस कर 16 जुलाई को धौलपुर से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
थाना फतेहपुर सीकरी के प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि बच्ची की मां को इस बात का अंदेशा था कि बच्ची कहां हो सकती है, लेकिन उसने पुलिस को स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि बच्ची को न्यायालय में बयान के लिए पेश किया जाएगा। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे उसके पिता और दादा की सुपुर्दगी में सौंप दिया जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्ची की जानकारी छिपाने और जांच को गुमराह करने वाले रिश्तेदारों की भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।