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बुधवार, 22 जुलाई 2026

आगरा पुलिस के जवान अब बचाएंगे जान, पुलिस लाइंस में दी गई सीपीआर की विशेष ट्रेनिंग

आगरा पुलिस के जवान अब बचाएंगे जान, पुलिस लाइंस में दी गई सीपीआर की विशेष ट्रेनिंग

आगरा। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लोगों की जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) आगरा ब्रांच द्वारा पुलिस लाइंस में जिले के विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) पर जागरूकता एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य फ्रंटलाइन पुलिसकर्मियों को जीवन रक्षक तकनीकों से प्रशिक्षित करना था, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे समय रहते प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें।

यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार और पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त रामप्रवेश गुप्ता ने इसका समन्वय किया।

कार्यक्रम के दौरान आईएपी आगरा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पुलिसकर्मियों को आधुनिक हैंड्स-ओनली सीपीआर तकनीक, कार्डियक अरेस्ट की शुरुआती पहचान, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तुरंत सक्रिय करने की प्रक्रिया तथा ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पुलिसकर्मियों को डमी मॉडल पर सीपीआर का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

आईएपी आगरा के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने सीपीआर से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

आईएपी आगरा के सचिव डॉ. राहुल पेंगोरिया ने बताया कि अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में आसपास मौजूद व्यक्ति द्वारा तुरंत सीपीआर शुरू करने से मरीज के बचने की संभावना लगभग चार गुना तक बढ़ सकती है। वहीं कोषाध्यक्ष डॉ. स्वाति द्विवेदी ने कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय करते हुए कहा कि इस तरह की सीपीआर ट्रेनिंग केवल पुलिसकर्मियों तक सीमित न रहकर आम नागरिकों तक भी पहुंचनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी मिल सके।

इस अवसर पर डॉ. पंकज कुमार, डॉ. अरुण जैन एवं डॉ. आर.एन. शर्मा सहित आईएपी के अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।

विशेषज्ञों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं, सार्वजनिक स्थलों पर मेडिकल इमरजेंसी और अन्य आपात स्थितियों में पुलिसकर्मी अक्सर सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। ऐसे में सीपीआर का प्रशिक्षण उन्हें एंबुलेंस या चिकित्सकीय टीम के पहुंचने से पहले पीड़ित को प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता देने में सक्षम बनाता है, जिससे अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं।

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