सांसद राजकुमार चाहर ने संसद में उठाई आगरा के लिए बैराज निर्माण की मांग, यमुना में जल संरक्षण पर दिया जोर
आगरा। फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने गुरुवार को संसद में नियम 377 के अंतर्गत आगरा में यमुना नदी के ऊपरी अथवा निचले प्रवाह क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर बैराज निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आगरा और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
सांसद राजकुमार चाहर ने सदन में कहा कि आगरा अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण पेयजल और सिंचाई दोनों पर संकट गहराता जा रहा है। भूजल के अत्यधिक दोहन और यमुना नदी में पर्याप्त जल प्रवाह नहीं होने से भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि यमुना नदी के ऊपरी अथवा निचले प्रवाह क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर बैराज बनने से वर्षभर जल का भंडारण संभव होगा। इससे भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज) को बढ़ावा मिलेगा, गिरते भूजल स्तर में सुधार होगा और किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों को पेयजल एवं सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध हो सकेगा।
सांसद ने यह भी कहा कि प्रस्तावित बैराज यमुना नदी के पारिस्थितिक संतुलन को बेहतर बनाने, ताजमहल सहित अन्य ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण में सहयोग देने तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राजकुमार चाहर ने केंद्र सरकार से आगरा में यमुना नदी पर बैराज निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराने और इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि यह परियोजना आगरा के दीर्घकालिक जल प्रबंधन और समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।