'नाली का गंदा पानी या हमारी नियति': खंदौली के टर्रकपुर में जलभराव पर भड़कीं महिलाएं, प्रधान का किया घेराव
बस्ती में लंबे समय से बना है जलभराव का संकट: अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को चेतावनी' आश्वासन नहीं, अब समाधान चाहिए'
जनपद आगरा:- विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच खंदौली क्षेत्र के ग्राम पोईया के मजरा टर्रकपुर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। गांव की प्रजापति और जाटव बस्ती के निवासी पिछले काफी समय से जलभराव और गंदगी के नरकीय जीवन को जीने पर मजबूर हैं।मंगलवार को इसी समस्या से आक्रोशित महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। दर्जनों महिलाओं ने एकत्र होकर ग्राम प्रधान श्याम सुंदर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
महिलाएं बोली-बिन बरसात यह हाल, बारिश में क्या होगा?
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि बिना बारिश के ही पूरी बस्ती में गंदा पानी भरा हुआ है। स्कूली बच्चे हों या नौकरीपेशा लोग, सभी को रोजाना इसी बदबूदार और दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि जब बिना मौसम यह हालात हैं, तो आगामी मानसून में स्थिति क्या रूप लेगी। इस गंदे पानी से महामारी और बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
ग्रामीण अधिकारियों और नेताओं की चौखट पर टेक चुके हैं माथा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस स्थायी समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक के चक्कर काट चुके हैं। लेकिन हर बार केवल कागजी आश्वासन ही नसीब होता है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।