आगरा में स्कूल वैन चालकों की हड़ताल से अभिभावक परेशान, स्कूलों के बाहर लगा जाम; परिवहन और ट्रैफिक विभाग की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन
आगरा। शहर में स्कूल वैन चालकों की हड़ताल का असर दूसरे दिन भी देखने को मिला। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की लगातार कार्रवाई के विरोध में वैन चालकों ने काम बंद कर दिया, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश अभिभावकों को अपने बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने और लेने जाना पड़ा, जिसके चलते शहर के कई प्रमुख स्कूलों के बाहर लंबा जाम लग गया।
आगरा जिले में 165 से अधिक सीबीएसई और सीआईएससीई से संबद्ध विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में करीब 1100 से अधिक स्कूल बसें और लगभग 2000 स्कूल वैन बच्चों के परिवहन का कार्य करती हैं।
परिवहन विभाग द्वारा 1 से 15 जुलाई तक तथा यातायात पुलिस द्वारा 22 जुलाई तक स्कूली वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान अब तक 400 से अधिक स्कूली वाहनों के चालान किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक वाहनों को बंद (सीज/निरुद्ध) किया गया है।
लगातार हो रही इस कार्रवाई से नाराज स्कूल वैन चालकों ने गुरुवार से हड़ताल शुरू कर दी। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में वैन सड़कों पर नहीं उतरीं। इसका सीधा असर स्कूलों की व्यवस्था पर पड़ा और अभिभावकों को निजी कारों और अन्य साधनों से बच्चों को स्कूल पहुंचाना पड़ा।
सुबह और छुट्टी के समय अधिकांश स्कूलों के बाहर वाहनों का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और सुगम परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
वहीं, हड़ताली वैन चालकों का कहना है कि परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि स्कूली वाहनों की जांच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है और अभियान नियमानुसार जारी रहेगा।