आगरा में 2.26 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, दो वांछित आरोपी गिरफ्तार - समाचार RIGHT

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सोमवार, 17 अगस्त 2026

आगरा में 2.26 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, दो वांछित आरोपी गिरफ्तार

आगरा में 2.26 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, दो वांछित आरोपी गिरफ्तार

रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों को फंसाया, कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई; मुख्य सरगना पहले ही जा चुका है जेल

आगरा। निवेश के नाम पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने वाले गिरोह के खिलाफ आगरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसबीएनएल वर्ल्डवाइड कंपनी के नाम पर करीब 2.26 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने दो मुख्य वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान युवराज सिंह और राहुल सोनी के रूप में हुई है। मामले का मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी न्यू आगरा क्षेत्र की ग्रेटर कॉलोनी स्थित एक परिचित के घर में छिपे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर ठगी में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो कार भी बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, निवेशकों की संख्या और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

2023 से शुरू हुआ था निवेश का खेल

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच लोगों को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाया। एसबीएनएल वर्ल्डवाइड कंपनी के जरिए निवेश करने पर निश्चित अवधि में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाया जाता था। बड़ी रकम निवेश करने वालों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए तैयार किया जाता था।

आरोपियों ने शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान और रिटर्न देकर उनका भरोसा जीत लिया। इससे लोगों को लगा कि कंपनी वास्तव में निवेश पर अच्छा मुनाफा दे रही है। भरोसा बढ़ने के बाद निवेशकों को और अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

भरोसा बढ़ा तो करोड़ों रुपये निवेश करा लिए

शुरुआती दौर में समय पर भुगतान मिलने के कारण निवेशकों का विश्वास आरोपियों पर बढ़ता गया। इसके बाद कई लोगों ने लाखों रुपये कंपनी में निवेश कर दिए। देखते ही देखते निवेश की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच गई।

आरोप है कि जब बड़ी रकम इकट्ठी हो गई तो निवेशकों को भुगतान मिलना बंद हो गया। रकम वापस मांगने पर अलग-अलग बहाने बनाए जाने लगे। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर निवेशकों को संदेह हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा।

रकम वापस मांगने पर सामने आया ठगी का खेल

निवेशकों ने जब अपनी मूल रकम और कथित मुनाफे की मांग शुरू की तो उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। शिकायत के बाद पुलिस ने कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।

जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, मोबाइल नंबरों और आरोपियों के संपर्कों को खंगाला गया। इसी क्रम में करीब 2.26 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया।

मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद जांच में सामने आए अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।

पुलिस और सर्विलांस टीम को युवराज सिंह और राहुल सोनी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। संभावित ठिकानों पर दबिश के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी न्यू आगरा की ग्रेटर कॉलोनी में एक परिचित के घर पर छिपे हैं। इसके बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

ठगी में इस्तेमाल बलेनो कार बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर मारुति बलेनो कार बरामद की गई है। पुलिस अब वाहन समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि निवेशकों से रकम जुटाने में और कितने लोग शामिल थे तथा ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंची।

पहले रिटर्न देकर जीतते थे भरोसा

पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार आरोपियों ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती दौर में भुगतान किया। जब कुछ लोगों को रिटर्न मिला तो उन्होंने अपने परिचितों और अन्य लोगों को भी कंपनी में निवेश के लिए प्रेरित किया।

इस तरह धीरे-धीरे निवेशकों की संख्या और रकम दोनों बढ़ती गईं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी की आड़ में चल रहा यह नेटवर्क कितने लोगों तक फैला था और 2.26 करोड़ रुपये के अलावा कहीं इससे अधिक रकम तो नहीं जुटाई गई।

बैंक खातों और मनी ट्रेल की जांच

कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि ठगी की रकम की पूरी मनी ट्रेल सामने लाई जाए और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट की जाए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई कंपनी या व्यक्ति यदि कम समय में रकम दोगुनी करने अथवा असामान्य रूप से अधिक रिटर्न देने का दावा करता है तो बिना जांच-पड़ताल के निवेश न करें। कंपनी की वैधता, दस्तावेज और निवेश योजना की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही पैसा लगाने का निर्णय लें।

संयुक्त टीम की कार्रवाई से दो वांछित आरोपी गिरफ्त में

करोड़ों रुपये की ठगी के इस मामले में कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां और किसके खातों में पहुंची तथा इस पूरे मामले में कुल कितनी रकम की ठगी की गई।

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