यमुना पार की 55 हजार परिवारों की प्यास बुझाएगी बड़ी पेयजल परियोजना, डीएम ने 100 साल की जरूरतों के हिसाब से काम के दिए निर्देश
आगरा। यमुना पार क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी पहल तेज हो गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने रविवार को पोइया घाट क्षेत्र में यमुना नदी पर उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा निर्माणाधीन वृहद पेयजल परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन 55 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 85 एमएलडी इंटेक वेल सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से परियोजना की तकनीकी संरचना, निर्माण की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता, पेयजल वितरण व्यवस्था और निर्धारित समयसीमा के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को केवल वर्तमान जरूरतों के हिसाब से नहीं, बल्कि आगामी 100 वर्षों की संभावित पेयजल आवश्यकता, बढ़ती आबादी और क्षेत्र के विस्तार को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाए।
परियोजना के तहत यमुना नदी से इंटेक वेल के माध्यम से कच्चा पानी लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उसका शोधन किया जाएगा। इसके बाद शुद्ध पेयजल को पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए यमुना पार क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत करीब 231 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य भी शुरू हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद ट्रांस यमुना कॉलोनी, कालिंदी विहार, फाउंड्री नगर, शाहदरा, राज नगर, सीता नगर, नगला रामदास और कछपुरा सहित यमुना पार क्षेत्र के 100 से अधिक गली-मोहल्लों और कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति को मजबूती मिलेगी। परियोजना से करीब 55 हजार परिवारों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल शोधन प्रक्रिया, इंटेक वेल की संरचना, पंपिंग व्यवस्था, पाइपलाइन नेटवर्क, आरसीसी निर्माण और एमबीआर आधारित उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की।
डीएम ने निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्माण चरण में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के माध्यम से निर्माण कार्य की स्वतंत्र गुणवत्ता जांच भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाढ़ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश
यमुना किनारे बन रही परियोजना को बाढ़ से सुरक्षित रखने को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों से जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की डिजाइन में उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को ध्यान में रखा गया है और सभी प्रमुख संरचनाओं को सुरक्षित स्तर पर विकसित किया जा रहा है।
डीएम ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल निकासी, बैकफ्लो से सुरक्षा, संरचनाओं की मजबूती तथा विद्युत और अन्य संवेदनशील उपकरणों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।
भविष्य की जरूरतों के लिए अभी से बने प्रावधान
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि यह परियोजना यमुना पार क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में परियोजना की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक भूमि और आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए अभी से समुचित प्रावधान किए जाएं, ताकि आने वाले दशकों में बढ़ती जरूरतों के अनुसार पेयजल व्यवस्था को आसानी से विस्तारित किया जा सके।
उन्होंने परियोजना स्थल तक पहुंचने वाली एप्रोच रोड का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को मार्ग को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निर्माण सामग्री और भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क को सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
डीएम ने सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के साथ निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने को कहा गया।
परियोजना के पूरा होने के बाद यमुना पार क्षेत्र के हजारों परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे ट्रांस यमुना क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को न केवल वर्तमान समय में मजबूती मिलेगी, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार होगा।
निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, एडीएम नमामि गंगे जुहैर बेग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।