92वें दीक्षांत समारोह में 79,832 छात्रों को मिली डिग्री, 64 मेधावियों को 88 पदकों से सम्मानित किया राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने - समाचार RIGHT

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मंगलवार, 4 अगस्त 2026

92वें दीक्षांत समारोह में 79,832 छात्रों को मिली डिग्री, 64 मेधावियों को 88 पदकों से सम्मानित किया राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने

 92वें दीक्षांत समारोह में 79,832 छात्रों को मिली डिग्री, 64 मेधावियों को 88 पदकों से सम्मानित किया राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल Anandiben Patel ने 64 मेधावी विद्यार्थियों को 88 स्वर्ण एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया। समारोह में 79,832 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। आरबीएस कॉलेज के नरेंद्र सिंह ने सर्वाधिक चार स्वर्ण पदक हासिल कर विशेष उपलब्धि दर्ज की।

विश्वविद्यालय के अनुसार इस वर्ष 79,832 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें स्नातक (यूजी) के 55,686, स्नातकोत्तर (पीजी) के 9,150, प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के 14,826, पीएचडी के 167 तथा डी.लिट. के तीन शोधार्थी शामिल रहे।

अपने संबोधन में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिग्री अब डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराई जाएगी और विश्वविद्यालय की ओर से मुद्रित डिग्री जारी नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों को अपनी डिग्री डिजिलॉकर से डाउनलोड करनी होगी। उन्होंने युवाओं से समाज की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।

समारोह में मौजूद एनसीईआरटी के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोरा ने कहा कि यह "दीक्षांत" है, "शिक्षांत" नहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज, राष्ट्र तथा मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को महिला सशक्तीकरण का मजबूत उदाहरण बताया।

उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारों के साथ जीवन को आगे बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

दीक्षांत समारोह का एक भावुक पल तब देखने को मिला जब फिरोजाबाद की दो स्वर्ण पदक विजेता छात्रा के पिता श्याम सुंदर से राज्यपाल ने आत्मीय बातचीत की। किसान परिवार से होने की जानकारी मिलने पर आनंदीबेन पटेल ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं भी किसान की बेटी हूं।" उन्होंने श्याम सुंदर की सराहना करते हुए कहा कि बेटी को उच्च शिक्षा दिलाकर इस मुकाम तक पहुंचाना प्रेरणादायक है और छात्रा व उसके परिवार को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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