एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लास्टर गिरने के बाद सियासत गरमाई, सपा के बाद कांग्रेस का हंगामा; मरीजों वाली पुरानी इमारतों का होगा सुरक्षा ऑडिट
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने की घटना के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 10 वर्षीय उमेर के ऊपर प्लास्टर गिरने के बाद उसकी मौत से जुड़े मामले को लेकर पहले समाजवादी पार्टी ने अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन किया और अब रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसएन मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
दरअसल, शुक्रवार दोपहर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के प्रथम तल स्थित बाल रोग वार्ड में प्लास्टर का एक हिस्सा गिर गया था। इसी दौरान वहां भर्ती 10 वर्षीय उमेर के ऊपर प्लास्टर गिर गया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और वार्ड में भर्ती बच्चों को सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कवायद शुरू की गई।
उमेर को निमोनिया और गंभीर संक्रमण के चलते एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया। हालांकि एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बच्चे की मौत का कारण निमोनिया और लंबे समय से चली आ रही बीमारी को बताया है। वहीं, प्लास्टर गिरने की घटना को लेकर राजनीतिक दलों ने अस्पताल प्रशासन और निर्माण कार्यों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
उमेर की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में कथित धांधली के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता भी एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं की प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता से तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को समझाया और उन्हें शांत कराया।
मरीजों वाली पुरानी इमारतों का होगा सुरक्षा ऑडिट
लगातार उठ रहे सवालों के बीच एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी के साथ मेडिसिन, बाल रोग, नेत्र रोग विभाग सहित उन पुरानी बिल्डिंगों का सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है, जिनमें मरीज भर्ती रहते हैं।
इसके लिए एसएन के डॉक्टरों की देखरेख में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम को लगाया गया है। टीम पुरानी इमारतों की स्थिति, प्लास्टर और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्लास्टर गिरने की घटना के बाद अब अस्पताल प्रशासन का पूरा फोकस मरीजों की सुरक्षा पर है। सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि एसएन मेडिकल कॉलेज की पुरानी इमारतों में कहां-कहां मरम्मत या अन्य जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।