भालू के बाद अब उल्लू का तमाशा! आगरा में राहगीरों से रुपये ऐंठ रहे दो आरोपी गिरफ्तार, वन विभाग ने उल्लू को कराया मुक्त
आगरा। भालू का खेल दिखाने पर प्रतिबंध के बाद अब वन्यजीवों का तमाशा बनाकर राहगीरों से रुपये ऐंठने का नया मामला सामने आया है। आगरा में ठीपुरी-डौकी मार्ग के पास सड़क किनारे उल्लू का तमाशा दिखा रहे दो लोगों को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से इंडियन ईगल आउल प्रजाति का उल्लू बरामद हुआ है। वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
वन विभाग को सूचना मिली थी कि ठीपुरी-डौकी मार्ग के पास दो लोग एक उल्लू को लेकर राहगीरों को तमाशा दिखा रहे हैं और इसके बदले उनसे रुपये वसूल रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वन रक्षक सोहन सिंह और भीकम सिंह ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उनके कब्जे से उल्लू को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान किरावली के कोरई गांव निवासी शोला पुत्र कंम्मू और शदुआ पुत्र रसीद खान के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले भालू का खेल दिखाकर राहगीरों और ग्रामीणों का मनोरंजन करते थे और इसके बदले रुपये कमाते थे। भालू का खेल दिखाने पर प्रतिबंध लगने के बाद उन्होंने उल्लू को तमाशे के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
वन विभाग की टीम ने बरामद उल्लू को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया। वन क्षेत्राधिकारी विशाल सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि किसी भी वन्यजीव को पकड़कर उसका तमाशा दिखाना और उससे व्यावसायिक लाभ कमाना कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि बरामद उल्लू इंडियन ईगल आउल प्रजाति का है।
वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही वन्यजीव को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
वन विभाग की इस कार्रवाई ने वन्यजीवों को तमाशे का साधन बनाकर कमाई करने वालों को साफ संदेश दिया है कि संरक्षित वन्यजीवों के साथ किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।