सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार
आगरा में एसटीएफ की कार्रवाई, सात फर्जी सरकारी मुहरें और रेलवे के दो कूटरचित नियुक्ति पत्र बरामद
आगरा। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गिरोह के सक्रिय सदस्य राधे मीना को आगरा में गिरफ्तार किया है। आरोपी को छत्ता थाना क्षेत्र में हाथीघाट के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसके कब्जे से अलग-अलग सरकारी विभागों की सात फर्जी मुहरें और रेलवे के दो कूटरचित नियुक्ति पत्र बरामद हुए हैं।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उनसे मोटी रकम वसूलकर फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे। बरामद फर्जी मुहरों और नियुक्ति पत्रों से गिरोह द्वारा सरकारी दस्तावेजों की कूटरचना किए जाने की आशंका सामने आई है।
आगरा के दो लोगों को नौकरी का दिया था झांसा
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने आगरा के दो लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम ली थी। पैसे लेने के बाद उन्हें नियुक्ति का झांसा दिया गया और फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए। बताया गया है कि ठगी की रकम का कुछ हिस्सा पहले ही लिया जा चुका था। बाकी करीब दो लाख रुपये लेने के लिए राधे मीना आगरा पहुंचा था। इसी दौरान एसटीएफ ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया।
सात फर्जी मुहरों से खुलेंगे गिरोह के राज
गिरफ्तार आरोपी के पास से विभिन्न सरकारी विभागों की सात फर्जी मुहरें बरामद होने से जांच एजेंसी को गिरोह के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसके अलावा रेलवे के दो कूटरचित नियुक्ति पत्र भी मिले हैं। एसटीएफ बरामद दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल कितने लोगों को नौकरी का झांसा देने में किया गया।
राजस्थान में भी दर्ज हैं मुकदमे
एसटीएफ की जांच में आरोपी के खिलाफ राजस्थान में ठगी और कूटरचना से जुड़े मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ ही संपर्क में रहे लोगों और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर गिरोह ने अब तक कितने लोगों से रकम वसूली है।
रेलवे भर्ती के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को अधिकृत माध्यमों से ही भर्ती संबंधी जानकारी लेने की सलाह दी जाती है। किसी अनधिकृत व्यक्ति को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा देना या फर्जी नियुक्ति पत्र के झांसे में आना भारी पड़ सकता है।