मठ-मंदिरों को बुलडोजर की धमकी सपा की सनातन-विरोधी सोच का प्रमाण : के.के. भारद्वाज
आगरा। भाजपा नेता के.के. भारद्वाज ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमई के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मठ-मंदिरों के कागज दुरुस्त कराने और सपा सरकार आने पर बुलडोजर चलाने की बात केवल एक बयान नहीं, बल्कि सपा की मानसिकता और उसके इरादों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उपलब्ध रिपोर्टों में जमई के इस आशय के बयान का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि मठ-मंदिर आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के केंद्र हैं, किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं। कानून-व्यवस्था के नाम पर यदि कोई कार्रवाई होनी है तो वह संविधान और कानून के अनुसार होगी, लेकिन सत्ता में आने की धमकी देकर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
के.के. भारद्वाज ने कहा कि सपा नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या अमीक जमई का बयान पार्टी की अधिकृत नीति है? यदि नहीं, तो पार्टी नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से इस बयान से असहमति जतानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “राम मंदिर के नाम पर भाजपा पर राजनीति का आरोप लगाने वाले पहले अपने नेताओं की भाषा देखें। जनता अब समझ रही है कि कौन आस्था का सम्मान करता है और कौन मंदिर-मठों को राजनीतिक धमकी का विषय बनाता है।”