SIR पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्य सामने रखे विपक्ष : के.के. भारद्वाज
आगरा। भाजपा नेता के.के. भारद्वाज ने SIR को लेकर विपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर लगातार उठाए जा रहे सवालों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अधिकार है, लेकिन बिना प्रमाण आरोप लगाना जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं को संवैधानिक पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए आरोपों के साथ ठोस प्रमाण भी सामने रखने चाहिए। निर्वाचन आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण संवैधानिक स्तंभ है। चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है।
भारद्वाज ने कहा कि यदि विपक्ष को मतदाता सूची या SIR प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई देती है तो वह प्रमाण सार्वजनिक करे और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराए। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए नाम की जांच, संशोधन, पंजीकरण और शिकायत दर्ज कराने की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
उन्होंने कहा, “विपक्ष को राजनीतिक शोर नहीं, प्रमाण की राजनीति करनी चाहिए। लोकतंत्र संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने से नहीं, बल्कि तथ्यों, पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के सम्मान से मजबूत होता है।”