ईमानदारी की कीमत नहीं होती: ऑटो में छूटा लाखों का बैग, सुबह लौटाने पहुंचा चालक - समाचार RIGHT

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मंगलवार, 15 सितंबर 2026

ईमानदारी की कीमत नहीं होती: ऑटो में छूटा लाखों का बैग, सुबह लौटाने पहुंचा चालक

ईमानदारी की कीमत नहीं होती: ऑटो में छूटा लाखों का बैग, सुबह लौटाने पहुंचा चालक

बैग में थी नकदी और ज्वेलरी, महिला बोली- इसमें इलाज का पैसा था; रातभर रोती रही थी पूरा परिवार

आगरा। ऑटो से उतरते समय महिला यात्री को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह अपना वह बैग ऑटो में ही छोड़ आई हैं, जिसमें लाखों रुपये की कीमत का सामान और इलाज के लिए रखी नकदी थी। घर पहुंचने के बाद बैग याद आया तो परिवार के होश उड़ गए। रातभर बैग की चिंता में परिवार परेशान रहा, लेकिन अगले दिन सुबह एक ऑटो चालक की ईमानदारी ने उनकी सारी चिंता खुशी में बदल दी। चालक बैग लेकर खुद उसी जगह पहुंच गया, जहां से महिला ने ऑटो लिया था।

महिला दिल्ली से आगरा के विजय नगर कॉलोनी स्थित एक अस्पताल में इलाज कराने आई थीं। आगरा में उनका मायका भी है। शनिवार रात करीब 10 बजे वह इंटरसिटी ट्रेन से राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पहुंचीं। स्टेशन के बाहर उन्हें सेक्टर-11 निवासी ऑटो चालक मोतीलाल मिल गए। किराया तय होने के बाद महिला उनके ऑटो में सवार होकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुईं। मंजिल पर पहुंचने के बाद महिला ऑटो से उतर गईं और मोतीलाल भी वहां से चले गए।

घर पहुंचने के बाद मोतीलाल की नजर ऑटो की पिछली सीट पर पड़े बैग पर गई। उन्होंने बैग खोलकर देखा तो उसमें नकदी, ज्वेलरी और अन्य जरूरी सामान रखा था। सामान की कीमत काफी अधिक होने के बावजूद मोतीलाल का ईमान नहीं डोला। रात काफी हो चुकी थी और जब वह घर पहुंचे तो करीब 12 बज चुके थे। मोतीलाल आमतौर पर सुबह 10 बजे काम पर निकलते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने किसी तरह की देरी नहीं की।

अगले दिन सुबह करीब आठ बजे ही मोतीलाल बैग लेकर राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। उन्हें उम्मीद थी कि बैग गुम होने के बाद महिला उसे तलाशने के लिए उसी जगह जरूर आएंगी, जहां से उन्होंने ऑटो लिया था। उनकी उम्मीद सही साबित हुई। महिला अपने परिवारीजनों के साथ स्टेशन के बाहर पहुंची हुई थीं।

मोतीलाल को बैग के साथ सामने देखकर महिला की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चालक ने बैग सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दिया। बैग हाथ में आते ही महिला ने सबसे पहले उसमें रखा सामान देखा। ज्वेलरी और पूरी नकदी सुरक्षित मिलने पर उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि बैग में रखी नकदी उनके इलाज के लिए थी। बैग गुम होने के बाद वह रातभर बेहद परेशान रहीं और परिवार के लोगों के मुताबिक रोती रहीं।

बैग मिलने के बाद महिला और उनके परिवार ने ऑटो चालक मोतीलाल का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी की जमकर सराहना की। घटना की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो उन्होंने भी चालक की तारीफ की। लोगों का कहना था कि आज के दौर में जब छोटी-सी मिली वस्तु को भी अपना समझ लेने की घटनाएं सामने आती हैं, ऐसे में कीमती ज्वेलरी और नकदी से भरा बैग लौटाकर मोतीलाल ने इंसानियत और ईमानदारी की मिसाल पेश की है।

मोतीलाल टीम एसओएस के सदस्य भी हैं। उनका कहना था कि ईमानदारी की कोई कीमत नहीं होती, बल्कि यह खुद में गर्व का अनुभव कराती है। उन्होंने बताया कि बैग में किसी दूसरे की मेहनत की कमाई थी, इसलिए उसे अपने पास रखने का सवाल ही नहीं था।

टीम एसओएस को बिहेवियर साइंटिस्ट डॉ. नवीन गुप्ता प्रशिक्षित करते हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि कीमती ज्वेलरी और नकदी से भरा बैग लौटाकर ऑटो चालक ने एक परिवार की बड़ी चिंता दूर की है। उन्होंने कहा कि मोतीलाल की ईमानदारी समाज के सामने इंसानियत और संवेदनशीलता की खूबसूरत मिसाल है।

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