मलपुरा और सैंया थानों में अचानक पहुंचे प्रभारी डीसीपी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण से लेकर रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण तक दिए सख्त दिशा-निर्देश
आगरा। पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा थानों की कार्यप्रणाली की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रभारी पुलिस उपायुक्त, पश्चिमी जोन, कमिश्नरेट आगरा ने थाना मलपुरा एवं थाना सैंया का आकस्मिक निरीक्षण किया। अचानक हुए निरीक्षण से थाना परिसर में पुलिसकर्मियों में सक्रियता दिखाई दी। प्रभारी डीसीपी ने थानों की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
थाना परिसर से लेकर अभिलेखों तक हुई गहन पड़ताल
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय, विभिन्न अभिलेखों, महिला एवं साइबर हेल्पडेस्क, मालखाना तथा शस्त्रागार का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने अभिलेखों के रखरखाव और थाने की व्यवस्थाओं को परखा तथा रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
महिला एवं साइबर हेल्पडेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील एवं त्वरित व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
लंबित विवेचनाओं पर विशेष फोकस
प्रभारी डीसीपी ने थानों में चल रही विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। स्पष्ट किया गया कि विवेचनाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले में तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनशिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर भी पुलिसकर्मियों को गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
यक्ष पोर्टल और मिशन शक्ति 6.0 पर जोर
शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुपालन में यक्ष पोर्टल पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया।
त्योहारों को लेकर सतर्क रहे पुलिस
आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। दुर्गा मूर्ति विसर्जन को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की प्रभावी चेकिंग, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। प्रभारी डीसीपी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्ट कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।