आगरा में रबी फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त खाद, किसानों को घबराने की जरूरत नहीं
यूरिया, डीएपी और एनपीके का पर्याप्त भंडार; कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर होगी सख्त कार्रवाई
आगरा। रबी फसलों की बुवाई के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। जनपद में यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता है और शासन स्तर से लगातार उर्वरकों की आपूर्ति कराई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें। बुवाई से पहले अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण करने से भी बचें।
जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक वर्तमान में सहकारिता भंडार एवं साधन सहकारी समितियों पर यूरिया 14,564 मीट्रिक टन, डीएपी 2,614 मीट्रिक टन तथा एनपीके 1,313 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इसके अलावा जनपद में उर्वरक भंडार और फुटकर विक्रेताओं समेत कुल यूरिया 32,524 मीट्रिक टन, डीएपी 11,248 मीट्रिक टन और एनपीके 14,713 मीट्रिक टन उपलब्ध है। किसानों को नियमानुसार संस्तुत मात्रा में उर्वरकों का वितरण कराया जा रहा है।
सीमाओं पर भी रखी जा रही नजर
उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने निगरानी और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया है। जिलाधिकारी के स्तर से पुलिस, राज्य कर, सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें जनपद की सीमाओं पर उर्वरकों के परिसंचलन की निगरानी करेंगी, ताकि अवैध तरीके से उर्वरकों की आवाजाही और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इसके साथ ही सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर किसानों को निर्धारित और संस्तुत मात्रा के अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर एफआईआर
प्रशासन ने उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या नियमों के विपरीत बिक्री करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
कृषकों से अपील की गई है कि वे फसल की बुवाई से पहले जरूरत से अधिक उर्वरक का भंडारण न करें। निजी विक्रेताओं और साधन सहकारी समितियों पर आवश्यकता के अनुसार लगातार उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
खाद लेने जाते समय ये दस्तावेज साथ रखें
किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए आधार कार्ड, खतौनी और फार्मर आईडी साथ ले जाने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक खरीदें और किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की जानकारी होने पर संबंधित विभाग को अवगत कराएं।