मैनपुरी पुलिस के इतिहास में पहली बार गूंजा वीरता का नाम, ‘सिंघम’ अवनीश त्यागी को मुख्यमंत्री ने पहनाया वीरता पदक - समाचार RIGHT

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गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

मैनपुरी पुलिस के इतिहास में पहली बार गूंजा वीरता का नाम, ‘सिंघम’ अवनीश त्यागी को मुख्यमंत्री ने पहनाया वीरता पदक

मैनपुरी पुलिस के इतिहास में पहली बार गूंजा वीरता का नाम, ‘सिंघम’ अवनीश त्यागी को मुख्यमंत्री ने पहनाया वीरता पदक


दो लाख के इनामी जीतू ठाकुर से मुठभेड़ में अदम्य साहस का मिला सम्मान,आगरा-मथुरा से लेकर मैनपुरी तक संगीन वारदातों के खुलासे से बनाई अलग पहचान

जनपद मैनपुरी:-मैनपुरी पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी पुलिस अधिकारी को वीरता पदक से सम्मानित किए जाने की उपलब्धि दर्ज हुई है। थाना एलाऊ के थानाध्यक्ष अवनीश त्यागी को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। दो लाख रुपये के इनामी बदमाश जीतू ठाकुर के साथ हुई मुठभेड़ में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने पर उन्हें यह सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री के हाथों वीरता पदक मिलने के बाद मैनपुरी पुलिस महकमे में खुशी की लहर है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे पूरे जिले की पुलिस के लिए गौरव का क्षण बताया।

दो लाख के इनामी से आमना-सामना, साहस ने दिलाया वीरता पदक

पुलिस के अनुसार दो लाख रुपये का इनामी बदमाश जीतू ठाकुर पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम का बदमाश से सामना हुआ। मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जीतू ठाकुर मौके पर मारा गया।

इस कार्रवाई में पुलिस टीम ने जिस साहस, सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया, उसमें थानाध्यक्ष अवनीश त्यागी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसी साहसिक कार्रवाई को आधार बनाकर उन्हें वीरता पदक से सम्मानित किया गया। मैनपुरी पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी अधिकारी को इस स्तर का सम्मान मिलना विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

‘सिंघम’ नाम यूं ही नहीं पड़ा, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बनाई पहचान

अवनीश त्यागी की पहचान महज एक थानाध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि तेज-तर्रार और परिणाम देने वाले पुलिस अधिकारी के रूप में रही है। पुलिस महकमे में उन्हें ‘सिंघम’के नाम से भी जाना जाता है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, घटनाओं की तह तक पहुंचने और जटिल मामलों का खुलासा करने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।

आगरा में तैनाती के दौरान भी अवनीश त्यागी ने कई संगीन घटनाओं का खुलासा किया। हत्या, लूट और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने अपराधियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ घटनाओं की बारीकी से पड़ताल पर जोर रहा।

आगरा से मथुरा तक दिखा पुलिसिंग का अलग अंदाज

अवनीश त्यागी आगरा में थाना स्तर पर जिम्मेदारी संभालने के दौरान कई बड़ी घटनाओं के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा रही। इसके बाद मथुरा में भी तैनाती के दौरान उन्होंने अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए कई मामलों का अनावरण किया।

उनकी पुलिसिंग की खासियत रही कि गंभीर घटना सामने आने के बाद टीम को सक्रिय कर घटनास्थल से लेकर संदिग्धों तक की कड़ियां जोड़ने पर जोर दिया गया। कई मामलों में पुलिस कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। यही वजह है कि अलग-अलग जनपदों में काम करने के दौरान उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई।

गणतंत्र दिवस पर भी मिल चुका है सम्मान

अवनीश त्यागी के पुलिस सेवा रिकॉर्ड में सम्मान का यह पहला बड़ा पड़ाव नहीं है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आगरा के एडीजी द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें कई पदक और प्रशस्तियां मिल चुकी हैं।

लगातार मिलने वाले इन सम्मानों के पीछे उनकी फील्ड पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और गंभीर मामलों के खुलासे में सक्रिय भूमिका को अहम माना जाता है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों वीरता पदक मिलने के बाद उनके सम्मान की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।

बिछवां के बाद एलाऊ में भी प्रभावी पुलिसिंग

अवनीश त्यागी मैनपुरी के थाना बिछवां में भी थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्हें थाना एलाऊ की कमान सौंपी गई। मैनपुरी में तैनाती के दौरान उन्होंने कई गंभीर घटनाओं के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वांछित और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर भी उनकी टीम लगातार सक्रिय रही।

दो लाख के इनामी जीतू ठाकुर से हुई मुठभेड़ उनकी मैनपुरी तैनाती की सबसे चर्चित कार्रवाइयों में शामिल रही। इसी कार्रवाई में उनके साहस को देखते हुए वीरता पदक के लिए चयन किया गया।

मैनपुरी पुलिस के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय

मुख्यमंत्री के हाथों वीरता पदक प्राप्त करना अवनीश त्यागी के लिए व्यक्तिगत सम्मान से कहीं अधिक मैनपुरी पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया है। पुलिस महकमे में इस बात को लेकर विशेष उत्साह है कि जिले के पुलिस इतिहास में पहली बार किसी अधिकारी को वीरता पदक से सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह के बाद पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने अवनीश त्यागी को बधाई दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की। पुलिस महकमे के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फील्ड में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुलिसकर्मियों के साहस और जिम्मेदारी को इस तरह का सम्मान नई पहचान देता है।

बेहतर पुलिसिंग को बनाया पहचान

अवनीश त्यागी की पहचान अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के साथ-साथ बेहतर पुलिसिंग के लिए भी रही है। आगरा, मथुरा और मैनपुरी में अलग-अलग जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने गंभीर मामलों के खुलासे और अपराधियों की धरपकड़ में सक्रिय भूमिका निभाई।

पुलिस सेवा में लगातार सम्मान हासिल करने वाले अवनीश त्यागी के लिए मुख्यमंत्री के हाथों मिला वीरता पदक अब तक के सफर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। मैनपुरी पुलिस के इतिहास में दर्ज हुआ यह सम्मान उनकी सेवा के साथ-साथ जिले के पुलिस महकमे के लिए भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

मैनपुरी पुलिस के लिए यह सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि वर्दी के साहस, कर्तव्य और जिम्मेदारी की उस मिसाल का सम्मान है, जिसे थानाध्यक्ष अवनीश त्यागी ने अपनी पुलिस सेवा के दौरान लगातार कायम किया है।

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